बिहार सरकार द्वारा राज्य के दिव्यांग नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना (Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana) शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को अपना व्यवसाय या उद्योग शुरू करने के लिए सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजन को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें से 50% राशि अनुदान (ग्रांट) के रूप में दी जाती है और शेष 50% राशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी जाती है, जिसे लाभार्थी को बाद में वापस करना होता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाना, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यदि आप भी बिहार राज्य के दिव्यांग नागरिक हैं और अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो इस योजना के तहत आवेदन करके इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana क्या है?
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसे दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस योजना के तहत दिव्यांगजन को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जाता है ताकि वे अपना उद्योग, व्यापार या स्वरोज़गार शुरू कर सकें।
बिहार सरकार की कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी है और इसे राज्य के दिव्यांग नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लागू किया गया है।
यह योजना विशेष रूप से उन दिव्यांग युवाओं के लिए बनाई गई है जो अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन उनके पास पर्याप्त पूंजी नहीं होती। योजना के माध्यम से सरकार उन्हें वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण दोनों प्रदान करती है।
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana – मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना |
| शुरू की गई | बिहार सरकार द्वारा |
| राज्य | बिहार |
| वर्ष | 2026 |
| लाभार्थी | राज्य के दिव्यांग नागरिक |
| उद्देश्य | दिव्यांगजन को स्वरोज़गार के लिए प्रोत्साहित करना |
| सहायता राशि | 10 लाख रुपये तक |
| अनुदान | 5 लाख रुपये |
| ऋण | 5 लाख रुपये (ब्याज मुक्त) |
| नोडल विभाग | समाज कल्याण विभाग |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन / ऑफलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | udyami.bihar.gov.in |
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना का उद्देश्य
बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के दिव्यांग नागरिकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
इस योजना के माध्यम से सरकार निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहती है:
- दिव्यांग व्यक्तियों को स्वरोज़गार के लिए प्रोत्साहित करना
- राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देना
- दिव्यांग युवाओं को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करना
- दिव्यांगजन को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना
- राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करना
सरकार का मानना है कि यदि दिव्यांग व्यक्तियों को उचित अवसर और वित्तीय सहायता मिले तो वे भी सफल उद्यमी बन सकते हैं।
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana के तहत मिलने वाले लाभ
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को कई प्रकार की सुविधाएँ दी जाती हैं:
- दिव्यांग नागरिकों को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
- कुल राशि में से 50% राशि सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाएगी।
- शेष 50% राशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी जाएगी।
- योजना के अंतर्गत मिलने वाला ऋण बिना गारंटी का होगा।
- ऋण चुकाने के लिए लाभार्थी को 1 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि भी दी जाएगी।
- लाभार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
- यह योजना दिव्यांगजन को स्वरोज़गार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती है।
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana पात्रता
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
- आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- केवल दिव्यांगजन (विकलांग व्यक्ति) ही इस योजना के लिए पात्र हैं।
- आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक के पास मान्य दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए।
- आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं / आईटीआई / पॉलिटेक्निक हो सकती है।
- आवेदक पहले से किसी अन्य सरकारी उद्यमी योजना का लाभ न ले रहा हो।
- आवेदक किसी बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana के लिए आवश्यक दस्तावेज
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना में आवेदन करते समय आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- जन्म प्रमाण पत्र
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- व्यवसाय योजना (Project Report)
चयन प्रक्रिया
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन एक निश्चित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
- सबसे पहले आवेदकों से आवेदन प्राप्त किए जाते हैं।
- इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा आवेदन की जांच की जाती है।
- पात्र आवेदकों की सूची तैयार की जाती है।
- चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
- प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
कई मामलों में आवेदकों का चयन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी प्रणाली के माध्यम से भी किया जाता है।
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana के तहत धन कैसे मिलेगा
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को धनराशि एक साथ नहीं बल्कि चरणों में दी जाती है।
- सबसे पहले लाभार्थी को प्रशिक्षण दिया जाता है।
- इसके बाद व्यवसाय शुरू करने के लिए पहली किस्त जारी की जाती है।
- लाभार्थी को पैसे के उपयोग का प्रमाण देना होता है।
- इसके बाद अगली किस्त जारी की जाती है।
- अंतिम किस्त मिलने के बाद व्यवसाय पूरी तरह शुरू किया जा सकता है।
इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाता है कि योजना का पैसा सही तरीके से उपयोग किया जाए।
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana Online Apply कैसे करें
यदि आप इस योजना में आवेदन करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट udyami.bihar.gov.in पर जाएँ।
- होम पेज पर मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के लिंक पर क्लिक करें।
- अब New Registration पर क्लिक करके पंजीकरण करें।
- लॉगिन ID और पासवर्ड की मदद से पोर्टल में लॉगिन करें।
- आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी भरें।
- आवश्यक दस्तावेज और व्यवसाय योजना अपलोड करें।
- अंत में आवेदन फॉर्म सबमिट कर दें और उसकी रसीद डाउनलोड कर लें।
हेल्पलाइन नंबर
यदि आपको इस योजना से संबंधित किसी प्रकार की समस्या या जानकारी चाहिए तो आप नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800 345 6214
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना क्या है?
यह बिहार सरकार की योजना है जिसके तहत दिव्यांगजन को व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।
इस योजना में कितना अनुदान मिलता है?
योजना के तहत कुल राशि का 50% यानी 5 लाख रुपये अनुदान के रूप में दिया जाता है।
योजना के तहत मिलने वाला ऋण कैसा होता है?
इस योजना में मिलने वाला ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी का होता है।
योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
बिहार राज्य का कोई भी दिव्यांग नागरिक जिसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच है, इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन आधिकारिक वेबसाइट udyami.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन किया जा सकता है।