भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका हमेशा से केंद्रीय रही है। देश की बड़ी आबादी आज भी खेती पर निर्भर है, लेकिन परंपरागत फसलों, सीमित सिंचाई, कम तकनीकी पहुंच और बाज़ार की दिक्कतों के कारण किसानों की आय अपेक्षित गति से नहीं बढ़ पाई। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan Dhanya Krishi Yojana) की शुरुआत की है। यह योजना कृषि को आधुनिक, विविधीकृत और आय-उन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana) क्या है?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना, किसानों की आय बढ़ाना और कम उत्पादकता वाले जिलों में कृषि को आधुनिक तथा टिकाऊ बनाना है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जो देश के कुल किसानों का लगभग 86% हिस्सा हैं।
योजना की शुरुआत और बजट
- घोषणा: 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट 2025-26 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित की गई।
- कैबिनेट मंजूरी: 16 जुलाई 2025 को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी।
- शुभारंभ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11 अक्टूबर 2025 को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली में लॉन्च की गई।
- अवधि: 2025-26 से 2030-31 तक (कुल 6 वर्ष)।
- बजट: कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये, जिसमें प्रतिवर्ष 24,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana का उद्देश्य
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana का मूल उद्देश्य ऐसे जिलों में कृषि विकास को गति देना है जहाँ उत्पादन क्षमता कम है और किसान अभी भी पारंपरिक खेती तक सीमित हैं। सरकार का फोकस केवल पैदावार बढ़ाने पर नहीं, बल्कि किसानों की आय को स्थायी रूप से बढ़ाने पर है। इसके लिए खेती के पूरे चक्र बीज से लेकर बाज़ार तक को मज़बूत करने की रणनीति अपनाई गई है।
| उद्देश्य | विवरण |
|---|---|
| कृषि उत्पादकता बढ़ाना | गुणवत्ता बीज, उर्वरक, मशीनीकरण और डिजिटल तकनीकों का उपयोग। |
| फसल विविधीकरण और तीव्रता बढ़ाना | उच्च मूल्य वाली फसलों और एकीकृत खेती को प्रोत्साहन। |
| सतत कृषि प्रथाएं अपनाना | जैविक खेती, जल संरक्षण और जलवायु प्रतिरोधी बीज। |
| पोस्ट-हार्वेस्ट स्टोरेज और वैल्यू एडिशन | पंचायत स्तर पर भंडारण और प्रसंस्करण इकाइयां। |
| सिंचाई सुविधाएं सुधारना | माइक्रो-इरिगेशन और जल स्रोतों का पुनरुद्धार। |
| लंबी और छोटी अवधि के ऋण सुविधा | KCC संतृप्ति और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड। |
इस योजना के माध्यम से किसानों को नकदी फसलों, बागवानी, दलहन-तिलहन और मूल्य संवर्धन से जोड़ा जाएगा, ताकि खेती सिर्फ आजीविका नहीं बल्कि लाभ का साधन बने।
किन जिलों पर रहेगा खास फोकस
देश के 100 ऐसे जिले, जहाँ कृषि उत्पादकता कम है, इस योजना के केंद्र में रखे गए हैं। इन जिलों में अक्सर सिंचाई सुविधाएँ सीमित होती हैं, फसल विविधीकरण नहीं के बराबर होता है और किसान बाज़ार से सीधे नहीं जुड़ पाते। योजना का उद्देश्य इन जिलों को मॉडल कृषि क्षेत्रों के रूप में विकसित करना है।
नकदी फसलों को मिलेगा बढ़ावा
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana के तहत किसानों को पारंपरिक धान-गेहूं के साथ-साथ नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जाएगा। इनमें शामिल हैं-
- स्ट्रॉबेरी
- ड्रैगन फ्रूट
- मखाना
- मशरूम
- सब्ज़ियाँ और फूल
इन फसलों की खासियत यह है कि कम ज़मीन में भी अच्छी आमदनी दी जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि इन फसलों के रकबे को हज़ारों हेक्टेयर तक बढ़ाया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान लाभ उठा सकें।
खेती के नए तरीके और प्रशिक्षण
योजना के तहत किसानों को केवल बीज या सब्सिडी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि प्रशिक्षण और मार्गदर्शन पर भी विशेष ज़ोर रहेगा। किसानों को यह सिखाया जाएगा कि –
- नई फसलों की वैज्ञानिक खेती कैसे की जाए
- कम पानी और कम लागत में बेहतर उत्पादन कैसे संभव है
- फसल के बाद भंडारण और ग्रेडिंग कैसे की जाए
- सीधे बाज़ार या प्रोसेसिंग यूनिट से कैसे जुड़ा जाए
इससे किसानों का जोखिम कम होगा और लाभ की संभावना बढ़ेगी।
सिंचाई और बुनियादी ढांचे का विकास
कृषि की सफलता में सिंचाई की भूमिका सबसे अहम होती है। PM Dhan Dhanya Krishi Yojana के अंतर्गत—
- सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) को बढ़ावा
- जल संरक्षण परियोजनाएँ
- खेत-तालाब और जल प्रबंधन संरचनाएँ
जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। इससे न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
फ्रूट प्रोसेसिंग और कोल्ड स्टोरेज पर ज़ोर
अक्सर देखा गया है कि किसान अच्छी फसल उगाने के बावजूद सही भंडारण और प्रोसेसिंग की कमी के कारण पूरा लाभ नहीं उठा पाते। इस समस्या को दूर करने के लिए योजना में—
- फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना
- नए कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस
- मूल्य संवर्धन इकाइयों को प्रोत्साहन
जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी।
किसानों की आय बढ़ाने की बहु-आयामी रणनीति
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana केवल एक योजना नहीं, बल्कि कई योजनाओं का समन्वय है। इसके तहत विभिन्न मंत्रालयों की मौजूदा कृषि योजनाओं को एक साथ लाकर किसानों को समग्र लाभ दिया जाएगा। इसमें शामिल हैं
- कृषि ऋण और क्रेडिट सुविधा
- फसल बीमा और जोखिम प्रबंधन
- पशुपालन और सहायक गतिविधियाँ
- डिजिटल और तकनीकी समाधान
लाभार्थी
इस योजना का लाभ विशेष रूप से निम्न वर्गों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है
- छोटे और सीमांत किसान
- महिला किसान
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- ग्रामीण युवा और कृषि-आधारित स्टार्ट-अप
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana से होने वाले लाभ
- कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि
- नकदी फसलों से किसानों की आय में सुधार
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर
- खेती में तकनीक और नवाचार को बढ़ावा
- कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाना
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना |
| अवधि | 6 वर्ष |
| वार्षिक बजट | लगभग ₹24,000 करोड़ |
| लक्षित जिले | 100 कृषि-पिछड़े जिले |
| मुख्य फोकस | नकदी फसल, सिंचाई, प्रोसेसिंग |
| लाभार्थी | किसान, SHG, FPO, ग्रामीण युवा |
भविष्य की दिशा
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में भारतीय कृषि की तस्वीर बदलेगी। किसान केवल कच्चा माल उत्पादक न रहकर उद्यमी बनेंगे। खेती आधुनिक तकनीक, बेहतर बाज़ार और स्थायी आय का स्रोत बनेगी।
कुल मिलाकर, यह योजना किसानों के जीवन में खुशहाली लाने और कृषि को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
Faqs
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana क्या है?
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana केंद्र सरकार की एक कृषि योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, नकदी फसलों को बढ़ावा देना और कृषि को लाभकारी बनाना है। इस योजना के तहत खेती से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को मज़बूत किया जाता है।
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana की शुरुआत कब हुई?
इस योजना को केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 में मंज़ूरी दी और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana का लाभ किन किसानों को मिलेगा?
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों, महिला किसानों, स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मिलेगा।
इस योजना में किन फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा?
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana के तहत स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, मशरूम, मखाना, सब्ज़ियाँ, फूल और अन्य नकदी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
क्या PM Dhan Dhanya Krishi Yojana में सब्सिडी मिलती है?
योजना के अंतर्गत सीधे नकद सब्सिडी नहीं, बल्कि खेती से जुड़ी सुविधाएँ, प्रशिक्षण, सिंचाई, प्रोसेसिंग और बुनियादी ढांचे का लाभ दिया जाता है।
क्या इस योजना के तहत कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग प्लांट बनाए जाएंगे?
हाँ, PM Dhan Dhanya Krishi Yojana में फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस जैसी सुविधाओं के विकास का प्रावधान है।






